प्रिय पाठकों, तकनीकी ब्लॉग के साथ-साथ मुझे जासूसी उपन्यास और सस्पेंस थ्रिलर (Suspense Thriller) लिखना बेहद पसंद है। नीचे मेरी नई किताब ‘तीसरा पांसा’ (Teesara pansa: A suspense Novel thriller) से 3 विशेष दृश्य दिए गए हैं। आइए मेरे साथ इस रहस्य की कड़ियों को सुलझाइए।
Sample 1: तीसरा पांसा Teesra Pansa Suspense Novel
चोरी का समाचार पाते ही वासु तुरंत वहाँ पहुँचा। भैरव के घर की चौखट पर ठीक वही पुराना दृश्य था—चमकती हुई एक शुद्ध स्वर्ण मुद्रा और चूने की भीत पर चिपका एक भोजपत्र का संदेश। गुप्तचर वासु ने गंभीर स्वर में उस पत्र को पढ़ना आरंभ किया:
“दिनकर,
मैं तुम्हारी यह झाड़ू अपने साथ ले जा रहा हूँ और इसके प्रतिफल स्वरूप यह स्वर्ण मुद्रा छोड़ रहा हूँ। इसके साथ ही, मैं तुम्हें और इस नगर के अकर्मण्य प्रहरियों को मुझे खोजने का एक और सुराग भी दे रहा हूँ।
यदि इस राज्य के सैनिकों में सामर्थ्य है, तो वे मुझे बंदी बनाकर दिखाएँ। जो भी मुझे पकड़ेगा, उसे पूर्व घोषणा के अनुसार सौ स्वर्ण मुद्राएँ प्रदान की जाएँगी।”
— चोर कालासिंह
Sample 2: चौंकाने वाला मोड़ (The Style/Twist)
पकवान खाते-खाते वे आपस में भविष्य की योजनाएँ बनाने लगे। एक ने हँसते हुए कहा, “आज की रात तो बहुत आनंदमय होगी। जब हम यहाँ से वापस नगर लौटेंगे, तो सीधे मदिरालय (मदिरा घर) जाएँगे और इस सफलता का उत्सव मनाएँगे।”
उनकी यह बात सुनकर वह स्त्री, जो अब तक चुपचाप खड़ी थी, अचानक गंभीर हो गई। उसने अपनी तीखी आवाज में कहा, “नहीं! अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। तुम तीनों अब किसी मदिरालय नहीं जा पाओगे।”
उसकी यह अजीब बात सुनकर एक चोर ने खाते-खाते अपना हाथ रोका और अचरज से पूछा, “क्यों? भला ऐसा क्यों नहीं होगा? हम अपने धन का कुछ भी करें, तुमसे क्या प्रयोजन?”
तब उस स्त्री के चेहरे के भाव पूरी तरह बदल गए। उसने उनकी आँखों में देखते हुए कहा,
“ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि जो स्वादिष्ट पकवान तुम तीनों ने अभी-अभी इतनी उत्सुकता से खाए हैं, उन सभी में मेरे हाथों से मिलाई हुई तीव्र बेहोशी की दवा है!”
ऐसा कहकर वह स्त्री एक कुटिल मुस्कान के साथ मुस्कुराने लगी।
Sample 3: We and Adventure with Dacoit
परंतु आज, इस तीसरे प्रहर के सन्नाटे में, वह डाकू भैरव काल वन के एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे शांत खड़ा था। उसकी वेशभूषा डरावनी थी, मुख पर काला नकाब था और वह अत्यंत व्याकुलता से किसी की प्रतीक्षा कर रहा था।
“आइए पाठकों, हम लोग उस बड़े पत्थर के पीछे छुपकर देखते हैं कि यह डाकू यहाँ अकेला क्या कर रहा है।
परंतु यह क्या! ज़रा अपनी सांसें रोक लीजिए… यहाँ इस भारी शिलाखंड के पीछे तो पहले से ही कोई छुपा बैठा है! और सावधान… यह कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि शत्रुओं का मुख्य ऐयार, और धूर्त व्यक्ति रक्तपुंज है!“
आगे क्या हुआ? तीसरा पांसा Teesra Pansa Suspense Novel:
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About G K Agrawal Author “HBTU कानपुर से बी.टेक पूरा करने के बाद, उन्होंने 37 से अधिक वर्षों तक एक इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्य किया। कई तकनीकी शोधपत्रों, पेटेंटों और बड़ी परियोजनाओं को डिजाइन करने का श्रेय उन्हें जाता है। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने यूट्यूब पर ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स का ज्ञान साझा किया। वर्तमान में, उनकी रुचि फिक्शन लेखन में बढ़ी है, और वे बेहतरीन रहस्यमयी व कूटनीतिक थ्रिलर कहानियाँ लिख रहे हैं।”
