नीचे मेरी नई किताब शाही खजाने की शर्त (Shahi Khajane Ki Shart Suspense Novel) से 2 विशेष दृश्य दिए गए हैं। आइए मेरे साथ इस रहस्य की कड़ियों को सुलझाइए।
क्या अपना शाही खजाना शर्त में हार चुका, एक राजा अपनी शाही खजाना वापस पा सकता है, जब सामने वाला दोबारा खेलने और दांव लगाने को तैयार ही न हो।
शाही खजाना & शर्त में हार Khajane Ki Shart Suspense Novel
Sample 1:
“यह संकट तलवारों या ढालों का नहीं, बल्कि बुद्धि के एक आत्मघाती खेल का था। सुबह जब ‘गंजारा’ नाम का वह शख्स दरबार में आया, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह विनाश लेकर आया है। वह सेना लेकर नहीं, बल्कि साज़िशों का एक अदृश्य जाल लेकर आया था।
उसने अपनी कुटिल चालों और भ्रामक शब्दों से पूरे दरबार को सम्मोहित कर लिया और खेल-ही-खेल में पूरा राजकोष जीत लिया। राज्य का कोई भी अनुभवी मस्तिष्क उसकी अकल्पनीय गति को भांप तक नहीं पाया था।
खेल की चुनौती Secret
Sample 2:
“महाराज,” वासु ने सिसकियों के बीच कहा, “चूँकि मेरी पराजय अब पत्थर की लकीर बन चुकी है, इसलिए मैं यह चुनाव श्री गंजारा पर छोड़ता हूँ। वे जिस भी खेल की चुनौती देंगे, मैं उसे स्वीकार करूँगा।”
पूरा दरबार स्तब्ध रह गया। अधिकारियों की फुसफुसाहटों में कड़वाहट थी; उन्हें लगा कि यह लड़का उनके साथ विश्वासघात कर रहा है। वह जानबूझकर अपनी और राज्य की आखिरी उम्मीद की बलि चढ़ा रहा था।
[अमेज़न किंडल पर ‘शाही खजाने की शर्त’ Shahi Khajane Ki Shart Suspense Novel यहाँ पढ़ें]
[Full list of novels by G K agrawal]
About G K Agrawal Author “HBTU कानपुर से बी.टेक पूरा करने के बाद, उन्होंने 37 से अधिक वर्षों तक एक इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्य किया। कई तकनीकी शोधपत्रों, पेटेंटों और बड़ी परियोजनाओं को डिजाइन करने का श्रेय उन्हें जाता है। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने यूट्यूब पर ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स का ज्ञान साझा किया। वर्तमान में, उनकी रुचि फिक्शन लेखन में बढ़ी है, और वे बेहतरीन रहस्यमयी व कूटनीतिक थ्रिलर कहानियाँ लिख रहे हैं।”
